हरियाणा के कैथल जिले में जहर खाने से युवक की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के परिजनों ने उसके जीजा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रेलवे में टीटी (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) की नौकरी दिलाने के नाम पर ₹3.50 लाख लिए गए थे, लेकिन बाद में उसे सफाईकर्मी की नौकरी दिलाई गई। परिवार का आरोप है कि इसी कारण युवक मानसिक तनाव में था और उसने यह कदम उठाया।
परिजनों के अनुसार, युवक लंबे समय से रेलवे में बेहतर पद पर नौकरी पाने की उम्मीद लगाए बैठा था। परिवार का कहना है कि उसके जीजा ने रेलवे में टीटी लगवाने का भरोसा दिलाया था और इसके बदले लाखों रुपये लिए गए। हालांकि बाद में युवक को अपेक्षित पद नहीं मिला, जिससे वह निराश और परेशान रहने लगा।
मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को लगातार भ्रम में रखा गया और उसे ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया गया, जहां वह मानसिक रूप से टूट गया। पिता का कहना है कि उनके बेटे को मरने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और नौकरी दिलाने के दावों की भी जांच की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
