भिवानी के एक सरकारी स्कूल में राशन के अंदर कीड़े मिलने का VIDEO सामने आया है। CJP टीम ने स्कूल में रखी राशन की टंकी खोलकर उसमें मौजूद सामग्री दिखाई। VIDEO सामने आने के बाद स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन और राशन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि CJP टीम स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंची थी। टीम ने स्कूल परिसर में रखी राशन की टंकी को खोलकर देखा। टंकी के अंदर रखे राशन में कथित तौर पर कीड़े दिखाई दिए, जिसका VIDEO भी बनाया गया।
VIDEO सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि राशन में कीड़े हैं तो इसे स्कूल में क्यों रखा गया था और इसकी नियमित जांच क्यों नहीं की गई।
मामले को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी का कहना है कि यह राशन बच्चों को खाने के लिए नहीं रखा गया था। अधिकारी के अनुसार, संबंधित सामग्री अलग से रखी गई थी और इसे बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में इस्तेमाल नहीं किया जाना था।
अधिकारी के इस बयान के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि राशन को अलग रखने की वजह क्या थी और उसकी स्थिति की निगरानी कौन कर रहा था। स्कूल में रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था की जांच भी जरूरी मानी जा रही है।
CJP टीम की ओर से बनाए गए VIDEO में राशन की टंकी और उसमें मौजूद सामग्री को दिखाया गया है। VIDEO वायरल होने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ी है।
स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। ऐसे में इस मामले ने स्कूलों में राशन के रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
अब संबंधित विभाग की ओर से मामले की जांच की जा सकती है। जांच में यह देखा जाएगा कि राशन कितने समय से स्कूल में रखा था, उसे किस उद्देश्य से रखा गया था और उसकी स्थिति की जानकारी स्कूल प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों को थी या नहीं।
यदि जांच में खाद्य सामग्री के भंडारण में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
फिलहाल शिक्षा अधिकारी का कहना है कि यह सामग्री बच्चों के खाने के लिए नहीं थी। वहीं VIDEO में कीड़े दिखाई देने के बाद राशन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामले की पूरी तस्वीर विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल वायरल VIDEO के कारण भिवानी के सरकारी स्कूल की राशन व्यवस्था चर्चा में है।
