हरियाणा के रोहतक में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद गुरुवार को शोरूम मालिक और दो कर्मचारियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। तीनों की मौत ने उनके परिवारों और पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
बताया जा रहा है कि मृतक शोरूम मालिक अपने भविष्य को लेकर कई योजनाएं बना रहे थे और जल्द ही एक नई फैक्ट्री शुरू करने की तैयारी में थे। वहीं हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे कर्मचारी ने करीब 20 वर्षों तक उसी प्रतिष्ठान में नौकरी की थी। परिवार और परिचितों के अनुसार, दोनों मेहनती और जिम्मेदार स्वभाव के थे।
भीषण आग लगने के दौरान शोरूम के अंदर फंसे तीनों लोग बाहर नहीं निकल सके। आग इतनी तेजी से फैली कि बचाव का कोई मौका नहीं मिला। दमकल विभाग ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। करीब सात घंटे बाद तीनों के शव बाहर निकाले गए, जिनकी हालत बेहद खराब थी।
हादसे की खबर मिलने के बाद से ही मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है। अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को ढांढस बंधाया।
पुलिस और प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फायर सेफ्टी मानकों और हादसे के कारणों को लेकर भी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग भी ऐसे प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन की मांग कर रहे हैं।
