हरियाणा के रोहतक में जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद धरपकड़ अभियान चलाया गया, जिसमें एक किसान नेता को हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए किसान नेता का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें पकड़ने के बाद करीब दो घंटे तक इधर-उधर घुमाया। उनका कहना है कि उन्हें बिना स्पष्ट जानकारी दिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है।
जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में रोहतक में छात्रों और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे। अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में उपलब्ध वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका कानून के उल्लंघन में सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण था और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी गई। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
फिलहाल, पूरे मामले को लेकर जांच जारी है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावों के बीच प्रशासन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहा है।
