हरियाणा के रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के मंत्री विपुल गोयल ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी, जबकि वर्तमान सरकार में युवाओं को “बिना पर्ची और बिना खर्ची” के नौकरी मिल रही है।
मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि पहले सरकारी भर्तियों को लेकर कई तरह के आरोप लगते थे और नौकरियों के लिए सिफारिश तथा पैसों की चर्चा होती थी। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना है तथा भर्ती प्रक्रिया में तकनीक का अधिक उपयोग किया जा रहा है।
वहीं, यह बयान राजनीतिक माहौल में नई चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं।
फिलहाल मंत्री के बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। दोनों प्रमुख दल रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और शासन के मुद्दों पर एक-दूसरे को घेरने में जुटे हैं। इस बीच जनता की नजर इस बात पर है कि इन दावों और आरोपों पर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है।
