रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया। 10 प्रतिशत फीस बढ़ाए जाने के विरोध में स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी के गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि फीस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से उनकी पढ़ाई का खर्च बढ़ जाएगा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
स्टूडेंट्स का आरोप है कि फीस बढ़ोतरी का फैसला विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है। उनका कहना है कि पहले से ही शिक्षा, हॉस्टल, परिवहन और अन्य खर्चों के कारण छात्रों पर आर्थिक दबाव है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण उन्हें गेट पर ताला लगाने जैसा कदम उठाना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि VC पर रजिस्ट्रार हावी हैं और विश्वविद्यालय में फैसले छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखकर नहीं लिए जा रहे।
छात्रों ने मांग की कि फीस बढ़ोतरी के फैसले को तत्काल वापस लिया जाए और विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जाए। उनका कहना है कि बिना छात्रों की समस्याओं को समझे फीस बढ़ाना उचित नहीं है।
गेट पर ताला लगाए जाने के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में गतिविधियां प्रभावित हुईं। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रह सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से लिखित आश्वासन देने की भी मांग की।
फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर क्या फैसला लिया जाता है, इस पर छात्रों की नजर है।
फिलहाल छात्र फीस वृद्धि वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शन के कारण MDU में माहौल गरमाया हुआ है और प्रशासन के सामने छात्रों को शांत कराने के साथ फीस वृद्धि के मुद्दे का समाधान निकालने की चुनौती है।
