न्यायपालिका में बड़ा बदलाव, जजों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
देश की न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत का सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
इस प्रस्ताव के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर 37 करने की योजना है। फिलहाल जजों की संख्या सीमित होने के कारण कई मामलों के निपटारे में देरी हो रही है। सरकार का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी।
सरकार इस प्रस्ताव को कानून का रूप देने के लिए संसद के अगले सत्र में बिल पेश करेगी। यदि संसद से इसे मंजूरी मिल जाती है, तो न्यायपालिका की कार्यक्षमता में सुधार देखने को मिल सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते मामलों के दबाव को देखते हुए जजों की संख्या बढ़ाना समय की जरूरत है। इससे न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज होगी और लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत होगा।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल जजों की संख्या बढ़ाने से ही समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि न्यायिक ढांचे में अन्य सुधारों की भी आवश्यकता है।
फिलहाल, इस फैसले को न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इसके लागू होने के बाद इसके प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
