सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के बाद एक वीडियो संदेश जारी कर इसकी वजह बताई। वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें संबंधित पक्ष की ओर से लिखित आश्वासन मिला है और उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
वांगचुक ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल संवाद स्थापित करना और जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस पहल सुनिश्चित करना था। उनके अनुसार, लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्हें लगा कि बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, इसलिए उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।
वीडियो में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अब आगे सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
इस बीच, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी/संबंधित संगठन) और वांगचुक के रुख में अंतर भी देखने को मिला। जहां CJP की ओर से इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है, वहीं वांगचुक ने अपने वीडियो में इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाते हुए मुख्य फोकस अपनी मांगों और लिखित आश्वासन पर रखा।
उधर, इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न पक्ष अपने-अपने स्तर पर इस समझौते और आगे की प्रक्रिया को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि जिन बिंदुओं पर सहमति बनी है, उनका क्रियान्वयन किस प्रकार किया जाएगा।
