हरियाणा के सोनीपत में करोड़ों रुपये के कथित चिट फंड घोटाले का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि लोगों का विश्वास जीतने के बाद कमेटियों (चिट फंड) और उधार के नाम पर बड़ी रकम जुटाई गई, जिसे बाद में वापस नहीं किया गया।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने पहले लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाए और समय पर लेन-देन कर उनका भरोसा जीता। इसके बाद उन्होंने अधिक लोगों को कमेटियों में शामिल होने और पैसे उधार देने के लिए प्रेरित किया। जब बड़ी रकम इकट्ठी हो गई, तो आरोप है कि आरोपी भुगतान करने से बचने लगे।
पीड़ितों का दावा है कि कई लोगों ने अपनी वर्षों की बचत और मेहनत की कमाई इन कमेटियों में लगाई थी। जब तय समय पर रकम वापस नहीं मिली, तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना, कमेटी या वित्तीय लेन-देन में पैसा लगाने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था की विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
