हरियाणा के 94 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों की धार्मिक यात्रा पर जाने से पहले ही वापस लौटना पड़ा। श्रद्धालु 9 दिवसीय यात्रा के लिए अटारी-वाघा सीमा पहुंचे थे, लेकिन आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें सीमा से ही वापस भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं का जत्था निर्धारित कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान में स्थित ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुआ था। सभी यात्री आवश्यक दस्तावेजों और वीजा संबंधी औपचारिकताओं के साथ अटारी सीमा पहुंचे। हालांकि, सीमा पर पहुंचने के बाद उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिली।
श्रद्धालु कई घंटों तक अटारी सीमा पर इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें बताया गया कि गृह मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिलने के कारण उनकी यात्रा फिलहाल संभव नहीं है। इसके बाद जत्थे को वापस लौटना पड़ा। अचानक यात्रा रद्द होने से श्रद्धालुओं में निराशा देखी गई।
यात्रियों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय से इस धार्मिक यात्रा की तैयारी की थी। कई श्रद्धालु पहली बार पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जा रहे थे। सीमा से लौटाए जाने के बाद उन्होंने अपनी निराशा व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
सिख धार्मिक यात्राओं के तहत भारत से हर वर्ष श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान में स्थित विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाते हैं। इन यात्राओं के लिए दोनों देशों के बीच निर्धारित प्रक्रियाओं और मंजूरियों का पालन किया जाता है।
फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि भविष्य में आवश्यक मंजूरी मिलने पर उन्हें दोबारा यात्रा का अवसर मिलेगा।
