हरियाणा से जुड़े चर्चित वित्तीय अनियमितता और कथित बैंक घोटाले के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार IAS अधिकारी और पंचायत विभाग के एक सुपरिंटेंडेंट को अदालत ने तीन दिन के CBI रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी अब दोनों से गहन पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
सूत्रों के अनुसार, CBI की जांच में कई संपत्तियों और निवेशों को लेकर भी जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी उन संपत्तियों के स्वामित्व, निवेश के स्रोत और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिनका संबंध आरोपियों या उनके परिजनों से बताया जा रहा है।
CBI का फोकस इस बात पर है कि कथित अनियमितताओं से जुड़े धन का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों में किया गया और क्या इससे जुड़े अन्य लोग भी इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा थे। रिमांड के दौरान एजेंसी आरोपियों से दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और संपत्ति खरीद से संबंधित सवाल पूछ रही है।
मामला सामने आने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों और वित्तीय संस्थानों से भी रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां संपत्तियों के दस्तावेज, बैंकिंग लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। इसके अलावा, कई स्थानों पर की गई छापेमारी से मिले दस्तावेजों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरण में है। रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले में अन्य लोगों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
फिलहाल CBI पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। जांच एजेंसी का कहना है कि साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
