हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के लिए जीरामजी योजना की शुरुआत करते हुए रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कुरुक्षेत्र से मंत्री पंवार ने योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत पात्र श्रमिकों को अधिकतम ₹409 प्रतिदिन की दिहाड़ी और 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री पंवार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रमिकों को नियमित रोजगार के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि योजना से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद श्रमिकों को लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार विभिन्न विकास कार्यों में रोजगार दिया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के श्रमिकों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। अधिकारियों के अनुसार, योजना के संचालन, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देश संबंधित विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। पात्र श्रमिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से ही आवेदन करें और किसी भी भ्रामक जानकारी से बचें।
इस योजना को श्रमिकों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, श्रमिकों की आय में सुधार होगा और राज्य में श्रम आधारित विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
