हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक अभ्यर्थी की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दौड़ के दौरान समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण युवक की जान गई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हुए, जिनमें भर्ती प्रक्रिया और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
परिवार का कहना है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सहायता मिल जाती तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भर्ती प्रक्रिया के दौरान स्वास्थ्य और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। मृतक की पत्नी सात माह की गर्भवती बताई जा रही है, जिससे परिवार गहरे सदमे में है।
दूसरी ओर, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के चेयरमैन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को फर्जी बताया है। उनका कहना है कि वीडियो में किए जा रहे दावों की सत्यता नहीं है और लोगों को अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रशासन का कहना है कि घटना की परिस्थितियों और चिकित्सा व्यवस्था सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट, चिकित्सीय दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएंगे।
