हरियाणा सरकार पेंशन लाभार्थियों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जिन लाभार्थियों के पास जन्मतिथि (Date of Birth) से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु का सत्यापन बड़े बेटे या बेटी की उम्र के आधार पर किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य पात्र लोगों को पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाने में आने वाली दस्तावेजी बाधाओं को कम करना है।
जानकारी के अनुसार, कई बुजुर्गों के पास जन्म प्रमाण पत्र या अन्य आयु संबंधी प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे मामलों में पेंशन आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने पर पात्र लाभार्थियों के लिए आयु सत्यापन का एक वैकल्पिक तरीका उपलब्ध हो सकेगा।
सरकार इस प्रस्ताव के तहत ऐसे लोगों के लिए भी वैकल्पिक सत्यापन प्रक्रिया तैयार कर रही है, जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं। संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन के लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार जांच की जाएगी, ताकि केवल पात्र व्यक्तियों को ही योजनाओं का लाभ मिल सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्ग नागरिकों को राहत मिलेगी, जिन्हें दस्तावेजों के अभाव में पेंशन प्राप्त करने में कठिनाई होती है। साथ ही, पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने के बाद पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और सत्यापन के विस्तृत नियम सार्वजनिक किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक परेशानी के सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।
