हरियाणा में मानसून की सुस्त रफ्तार और लगातार बनी उमस के कारण बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य में बढ़ती गर्मी और नमी के चलते एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ने से बिजली व्यवस्था पर दबाव काफी बढ़ गया है। कई इलाकों में लगातार बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
बिजली संकट से परेशान लोगों का गुस्सा हिसार और भिवानी में सड़कों पर देखने को मिला। लंबे समय तक बिजली कटौती से नाराज लोगों ने विभिन्न स्थानों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार बिजली जाने से घरेलू कामकाज, व्यापार और खेती-किसानी पर असर पड़ रहा है। उन्होंने नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि बढ़ती मांग के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव है। विभाग आवश्यकतानुसार अन्य स्रोतों से बिजली खरीदकर आपूर्ति सामान्य बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बीच मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि हरियाणा में व्यापक बारिश के लिए अभी करीब दो दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। बारिश में देरी के कारण तापमान और उमस बनी हुई है, जिससे बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून सक्रिय होने के बाद तापमान में गिरावट आएगी और बिजली की मांग भी धीरे-धीरे कम हो सकती है। फिलहाल राज्य में लोग राहत की बारिश और बेहतर बिजली आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।
