हरियाणा में स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच एक सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की गई है। गांव गैबीपुर में स्कूल की स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम के पहुंचने के एक दिन बाद सरपंच को सस्पेंड कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि गांव गैबीपुर में स्कूल से जुड़ी व्यवस्थाओं और वहां की स्थिति को लेकर टीम ने निरीक्षण किया था। टीम के दौरे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन सरपंच के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था, भवन, साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों की स्थिति पर ध्यान दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य स्कूलों की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करना है।
गैबीपुर में टीम के पहुंचने के बाद स्कूल से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद DC की ओर से सरपंच को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया गया।
सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के पीछे क्या आरोप या प्रशासनिक कारण रहे, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक आदेश और जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी। फिलहाल कार्रवाई को स्कूल की स्थिति से जुड़े अभियान के बीच हुई प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार की ओर से लगातार निरीक्षण और समीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पंचायतों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
गांव के सरकारी स्कूलों में भवन, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर डालती है। प्रशासन की ओर से इन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों और स्थानीय संस्थाओं के साथ समन्वय किया जाता है।
गैबीपुर में टीम के दौरे के बाद हुई कार्रवाई से यह भी संकेत मिल रहा है कि स्कूलों की व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर प्रशासन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय कर सकता है।
हालांकि, सरपंच के निलंबन की वास्तविक वजह और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही होगी। निलंबन की कार्रवाई को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
अब प्रशासन की ओर से मामले की आगे जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।
फिलहाल गैबीपुर गांव में स्कूल निरीक्षण के एक दिन बाद सरपंच के सस्पेंड होने का मामला चर्चा में है। ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हुई इस कार्रवाई से अन्य पंचायतों में भी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।
