हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। हिसार समेत 7 जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों को बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच AICC की ओर से पर्यवेक्षकों को जिलों में भेजा गया है, जो संगठन की स्थिति और नेताओं की गतिविधियों की जानकारी जुटा रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब हिसार के शहरी कांग्रेस प्रधान बजरंग दास गर्ग के इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके इस्तीफे को संगठन में चल रही गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
AICC पर्यवेक्षक संबंधित जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे हैं। उनसे संगठन की स्थिति, स्थानीय स्तर पर गुटबाजी, सक्रिय कार्यकर्ताओं और आगामी संगठनात्मक रणनीति को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है।
हिसार समेत जिन जिलों में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा है, वहां स्थानीय कांग्रेस नेताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी नेतृत्व आगे जिलाध्यक्षों को लेकर फैसला ले सकता है।
बजरंग दास गर्ग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के अंदर संगठन को लेकर सवाल और चर्चाएं बढ़ गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि अभी तक सभी 7 जिलाध्यक्षों को हटाने का अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। AICC पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और पार्टी हाईकमान के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियां बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं। ऐसे में संभावित जिलाध्यक्ष बदलाव को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल हिसार समेत 7 जिलों में कांग्रेस संगठन को लेकर हलचल तेज है और AICC पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर सबकी नजर बनी हुई है।
