हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र से पहले BJP और कांग्रेस ने अपनी-अपनी रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। विपक्ष सदन में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्तापक्ष भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए रणनीति बना रहा है।
मानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, विकास कार्य, रोजगार, किसानों से जुड़े मुद्दे, बारिश और जलभराव समेत कई विषय सदन में उठ सकते हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।
सत्र से पहले दोनों दलों की बैठकों में विधायकों से उनके क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की जानकारी ली जा रही है। विपक्षी विधायक ऐसे मामलों को सदन में उठाने की तैयारी कर रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि सरकार को जनहित से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूर किया जाए। विपक्ष सवालों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और अन्य संसदीय माध्यमों के जरिए सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठा सकता है।
वहीं BJP विधायक दल भी सदन में विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी कर रहा है। सरकार की उपलब्धियों, विकास परियोजनाओं और योजनाओं को सदन में प्रमुखता से रखने की रणनीति बनाई जा रही है।
सत्र के दौरान सदन का कामकाज किस तरह चलेगा, इसमें बिजनेस एडवाइजरी कमेटी यानी BAC की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। BAC में विधानसभा के कामकाज और विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए समय तय किया जाता है।
BAC की बैठक में यह तय किया जाएगा कि सत्र के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा होगी और किस विषय को कितना समय दिया जाएगा। इसके अलावा विधायी कार्य और अन्य संसदीय गतिविधियों का कार्यक्रम भी तय किया जाएगा।
मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। यदि विपक्ष किसी मुद्दे पर सरकार को घेरता है तो सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाब दिए जाने की संभावना है। ऐसे में सदन में हंगामा और नारेबाजी की स्थिति बन सकती है।
कांग्रेस पहले से ही कई मुद्दों पर सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाती रही है। वहीं BJP का कहना है कि सरकार प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कामों को प्राथमिकता दे रही है।
विधानसभा सत्र राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस दौरान अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे। विपक्ष सरकार की कमियां गिनाने की कोशिश करेगा, जबकि BJP सरकार के कामकाज और उपलब्धियों को सामने रखेगी।
विधायकों की ओर से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े सवाल भी उठाए जा सकते हैं। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासन से जुड़े स्थानीय मुद्दे सदन में चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
अब नजर BAC की बैठक पर रहेगी, जहां विधानसभा के आगामी कामकाज की रूपरेखा तय होगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि मानसून सत्र में किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा चर्चा होने वाली है।
फिलहाल मानसून सत्र से पहले BJP और कांग्रेस दोनों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष जवाब देने के लिए तैयार हो रहा है। BAC में कामकाज तय होने के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरम होने की संभावना है।
