संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
तनाव का असर होर्मुज जलडमरूमध्य में भी देखने को मिल रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है। रिपोर्ट्स में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
हालांकि, “1500 जहाज फंसे होने” के दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण कई जहाजों की आवाजाही धीमी पड़ने की खबरें सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
फिलहाल, दुनिया की नजर मध्य पूर्व की स्थिति पर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
