करीब 80 सेमी बारिश का अनुमान, सीजन के अंत में मिल सकती है थोड़ी राहत
इस साल देश में मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, El Niño का असर इस बार बारिश को प्रभावित कर सकता है। अनुमान है कि कुल वर्षा करीब 80 सेंटीमीटर के आसपास रह सकती है, जो सामान्य से कम मानी जाती है।
अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है, जिसमें प्रशांत महासागर के पानी का तापमान बढ़ जाता है। इसका सीधा असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ता है, खासकर भारत के मानसून पर। इसके कारण बारिश कम हो सकती है और कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआत और मध्य चरण में बारिश कमजोर रह सकती है। हालांकि, सीजन के आखिरी हिस्से में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है।
कमजोर मानसून का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता है। फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा, जल स्तर में गिरावट और पेयजल की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
सरकार और संबंधित एजेंसियां इस स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर रही हैं। जल प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था और वैकल्पिक योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
फिलहाल, मौसम विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।
