करनाल में कार ड्राइवर से ₹1.04 लाख लूटने के मामले में पुलिस की जांच के बाद कहानी झूठी निकली। ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि कुछ युवकों ने बाइक अड़ाकर उसका रास्ता रोका और ईंटों से हमला करने के बाद नकदी लूट ली। पूछताछ और जांच में उसके दावे की पुष्टि नहीं हुई।
शिकायत के अनुसार ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि वह कार से जा रहा था। इसी दौरान कुछ युवकों ने बाइक रास्ते में अड़ा दी और उसे रोक लिया। आरोप था कि युवकों ने उसके साथ मारपीट की और ईंटों से हमला कर ₹1.04 लाख की नकदी लूट ली।
लूट की सूचना मिलने के बाद करनाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायतकर्ता से घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की और वारदात से जुड़े संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम में बताए गए तथ्यों का सत्यापन किया। आसपास के लोगों से जानकारी लेने के साथ-साथ उपलब्ध CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की गई।
पूछताछ के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के बीच अंतर दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उससे दोबारा पूछताछ की।
जांच आगे बढ़ने पर कथित लूट की कहानी झूठी निकलने की बात सामने आई। यानी पुलिस को ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि युवकों ने बाइक अड़ाकर ड्राइवर से ₹1.04 लाख लूटे थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायतकर्ता ने लूट की झूठी कहानी क्यों बनाई और ₹1.04 लाख से जुड़ा वास्तविक मामला क्या था।
जांच में पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में मौजूद साक्ष्यों को भी खंगाला। CCTV फुटेज और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कथित वारदात की वास्तविक स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया।
इस तरह मामला केवल लूट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस के सामने अब झूठी शिकायत और गलत जानकारी देने का एंगल भी महत्वपूर्ण हो गया है। मामले में कानून के तहत आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
करनाल पुलिस की पूछताछ में कहानी सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि नकदी कहां गई और शिकायतकर्ता ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश किस वजह से की।
ऐसे मामलों में पुलिस के लिए शिकायतकर्ता के बयान के साथ-साथ CCTV, मोबाइल लोकेशन, लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान करना महत्वपूर्ण होता है। इसी प्रक्रिया में कथित लूट की कहानी में सामने आया विरोधाभास पकड़ा गया।
फिलहाल पुलिस मामले की पूरी सच्चाई पता लगाने में जुटी है। ₹1.04 लाख की कथित लूट, ईंटों से हमला और बाइक अड़ाकर रास्ता रोकने के आरोप जांच में सही साबित नहीं हुए।
करनाल पुलिस अब झूठी कहानी के पीछे की वजह और नकदी से जुड़े वास्तविक घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
