हरियाणा के करनाल में एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर से करीब ₹1 करोड़ की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि उन्हें प्लॉट बेचने का झांसा देकर बड़ी रकम ले ली गई, लेकिन बाद में पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह किसी और के नाम पर दर्ज थी।
शिकायत के अनुसार, आरोपी पिता-पुत्र ने खुद को जमीन का मालिक या अधिकृत विक्रेता बताकर प्लॉट बेचने का भरोसा दिलाया। उनकी बातों पर विश्वास करते हुए रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर ने अलग-अलग चरणों में करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।
जब रजिस्ट्री और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई गई, तब सामने आया कि संबंधित प्लॉट पर आरोपियों का स्वामित्व ही नहीं था। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए पिता और पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
जांच अधिकारी का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि संपत्ति खरीदने से पहले जमीन के स्वामित्व और दस्तावेजों की पूरी तरह जांच अवश्य कर लें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
