गुरुग्राम में काले झंडे दिखाने के बाद कांग्रेस के दो जिलाध्यक्षों के कथित तौर पर लापता होने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आज गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करेगा। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि हर व्यक्ति और संगठन को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने का अधिकार है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं ने किसी कार्यक्रम के दौरान काले झंडे दिखाकर विरोध जताया था। इसके बाद से पार्टी के दो जिलाध्यक्षों के बारे में जानकारी नहीं मिलने की बात सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं में चिंता बढ़ गई है।
कांग्रेस की ओर से मामले को लेकर पुलिस प्रशासन के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया गया है। प्रतिनिधिमंडल गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर दोनों जिलाध्यक्षों के बारे में जानकारी लेने और पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेगा।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि किसी नेता को पुलिस ने हिरासत में लिया है तो इसकी जानकारी परिवार और पार्टी को दी जानी चाहिए। साथ ही यदि किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की गई है तो उसकी जानकारी भी स्पष्ट होनी चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और विरोध दर्ज कराना लोगों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे पर असहमति होने पर लोग लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जता सकते हैं।
काले झंडे दिखाने की घटना के बाद दोनों जिलाध्यक्षों के लापता होने की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल की पुलिस कमिश्नर के साथ होने वाली मुलाकात के दौरान पूरे घटनाक्रम पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस नेता यह जानने की कोशिश करेंगे कि दोनों जिलाध्यक्ष इस समय कहां हैं और उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं।
पुलिस की ओर से मामले में क्या जानकारी दी जाती है, यह प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद स्पष्ट हो सकता है। यदि दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया है तो उनकी स्थिति और मामले में दर्ज कार्रवाई की जानकारी भी सामने आ सकती है।
इस बीच कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि मामले को कानून के दायरे में रहते हुए उठाया जाएगा।
मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों जिलाध्यक्षों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, वे किसी अन्य स्थान पर हैं या उनके संबंध में कोई दूसरी स्थिति है। इसलिए अंतिम स्थिति पुलिस की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल काले झंडे दिखाने के बाद दो कांग्रेस जिलाध्यक्षों के कथित तौर पर लापता होने का मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के बाद मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
