हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी एक बार फिर उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कठवा और तंगौर गांवों के खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, नदी का पानी खेतों तक पहुंचने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। यदि जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश का असर मारकंडा नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने के कारण आने वाले समय में नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि पानी जल्द नहीं उतरा तो उनकी मेहनत और फसल दोनों को बड़ा नुकसान हो सकता है। प्रशासन की ओर से जल निकासी और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
फिलहाल मारकंडा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। हिमाचल में बारिश की स्थिति और नदी में आने वाले पानी के आधार पर आने वाले घंटों में हालात बदल सकते हैं।
