हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सामने आए राइस मिल घोटाले के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (AFSO) और एक इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई धान के स्टॉक में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी और निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद की गई है।
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान करीब 5.81 करोड़ रुपये मूल्य के धान स्टॉक में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों को निर्धारित मात्रा और रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक के बीच अंतर मिला, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर भेजी जाने वाली पाक्षिक (पंद्रह दिन की) रिपोर्ट नियमानुसार प्रस्तुत नहीं की गई।
प्रशासन का मानना है कि यदि निरीक्षण और रिपोर्टिंग प्रक्रिया समय पर होती, तो इस तरह की अनियमितताओं का पहले ही पता लगाया जा सकता था। इसी आधार पर विभागीय जिम्मेदारी तय करते हुए AFSO और इंस्पेक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
सूत्रों के अनुसार, मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी खरीद, भंडारण और वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को स्टॉक सत्यापन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर और भी महत्वपूर्ण खुलासे और कार्रवाई हो सकती है।
