हरियाणा के पलवल में खेल मंत्री की तिरंगा यात्रा के दौरान कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यात्रा सुबह 7 बजे शुरू होनी थी, लेकिन कार्यक्रम करीब 10 बजे शुरू हुआ। इस दौरान गर्मी और लंबे इंतजार के बीच कुछ बच्चों को परेशानी हुई।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे और अन्य लोग निर्धारित समय से पहले पहुंच गए थे। यात्रा के लिए बच्चों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कार्यक्रम शुरू होने में करीब तीन घंटे की देरी होने के कारण कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
बताया जा रहा है कि कुछ बच्चों को उल्टियां हुईं, जबकि कुछ गश खाकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और आयोजकों ने बच्चों को संभाला। जरूरत के अनुसार उन्हें प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों को लंबे समय तक इंतजार करवाने से पहले पानी, छाया और पर्याप्त स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
तिरंगा यात्रा का आयोजन देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ किया गया था। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की भागीदारी रखी गई थी। हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने में देरी और बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना चर्चा का विषय बन गई।
आयोजकों की ओर से बच्चों के लिए पानी और चिकित्सा व्यवस्था की गई थी या नहीं, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है। वहीं बच्चों की तबीयत खराब होने का वास्तविक कारण भी चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी रही। बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल राहत देने का प्रयास किया गया।
पलवल की इस तिरंगा यात्रा में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना ने कार्यक्रम की टाइमिंग और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
