लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती रहते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने अपनी तीन प्रमुख मांगें दोहराते हुए बताया कि किन शर्तों के पूरा होने पर वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
वांगचुक ने पत्र में कहा कि उनकी मांगें लद्दाख से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित हैं और उनका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों की चिंताओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सरकार से सकारात्मक संवाद और ठोस पहल की अपेक्षा जताई है।
अपने पत्र में वांगचुक ने यह भी उल्लेख किया कि 65 सांसदों ने उनकी सेहत और मांगों को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की इस पहल को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और बातचीत के माध्यम से रास्ता निकाला जाना चाहिए।
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से सार्थक और भरोसेमंद पहल होती है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
फिलहाल वांगचुक का इलाज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। दूसरी ओर, उनकी मांगों और पत्र को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की संभावित प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।
