हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे 15 सांसदों को पुलिस ने अस्पताल के बाहर ही रोक दिया। जानकारी के अनुसार, सांसदों को अस्पताल के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने मेडिकल टीम से वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और वहीं से लौट गए।
बताया जा रहा है कि सांसदों ने डॉक्टरों से वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मेडिकल टीम ने उनके स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जानकारी साझा की, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल अस्पताल परिसर से वापस लौट गया।
इस बीच, सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने अनशन को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वे तभी अपना अनशन समाप्त करेंगे, जब उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस और भरोसेमंद पहल की जाएगी। उन्होंने शांतिपूर्ण संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकालने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि लद्दाख से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और वहां के लोगों की मांगों को लेकर है। उन्होंने सरकार से सकारात्मक वार्ता शुरू करने की अपील की।
उधर, अस्पताल परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। फिलहाल वांगचुक का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
