हरियाणा के गुरुग्राम में ₹200 करोड़ के कथित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए एक ऑटो सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के दो को-फाउंडर्स और दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों पर फर्जी इनवॉइस और संदिग्ध लेनदेन के जरिए गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कथित धोखाधड़ी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल जांच के जरिए पकड़ में आई।
अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध जीएसटी लेनदेन, टैक्स रिटर्न और वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के दौरान कई असामान्य पैटर्न सामने आए। इसके बाद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की गई, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या फर्जी कंपनियों या अन्य संस्थाओं का इस्तेमाल कर टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया था। जब्त किए गए दस्तावेजों, कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य लोगों या कंपनियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां पूरे वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
