चंडीगढ़ के पूर्व मेयर के पिता का निधन हो गया। उनके निधन से परिवार, शुभचिंतकों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर है। वह प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त थे और लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
परिजनों और परिचितों के अनुसार, उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय शिक्षा के प्रसार और समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। एक शिक्षक और प्राचार्य के रूप में उन्होंने अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया।
उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया गया। अंतिम विदाई में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके सरल स्वभाव, अनुशासनप्रिय व्यक्तित्व और समाज के प्रति समर्पण को याद किया।
शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि उनका योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके कार्यों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। कई लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उनके निधन से शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने एक अनुभवी मार्गदर्शक को खो दिया है। परिवार इस कठिन समय में अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक रस्में पूरी कर रहा है।
