चंडीगढ़ प्रशासन ने पुराने और अनुपयोगी वाहनों के निपटान को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। अब यदि कोई व्यक्ति अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर की बजाय किसी कबाड़ी के यहां कार या बाइक कटवाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। नए नियमों के तहत ₹5 लाख तक का जुर्माना, एफआईआर और जेल की कार्रवाई का भी प्रावधान है।
प्रशासन के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य वाहनों की अवैध स्क्रैपिंग पर रोक लगाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और चोरी या अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की निगरानी को मजबूत करना है। अब पुराने वाहनों को केवल सरकार द्वारा अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर ही नष्ट कराया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसे वाहन मालिकों पर विशेष नजर रखी जाएगी जिनके नाम पर बड़ी संख्या में वाहन पंजीकृत हैं। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है या वाहन को अवैध रूप से कटवाता है, तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपनी पुरानी या अनुपयोगी गाड़ियों का निपटान केवल अधिकृत केंद्रों के माध्यम से ही करें। इससे वाहन का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा और भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं। संबंधित विभागों को इनके पालन की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
