हरियाणा से शुरू हुई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन एक बार फिर चर्चा में आ गई है। जानकारी के अनुसार, जींद से रवाना हुई ट्रेन रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण रुक गई, जिसके बाद उसे टोचन (खींचकर) दिल्ली ले जाया गया। इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
रोहतक में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना की शुरुआत कांग्रेस शासन के दौरान हुई थी और मौजूदा सरकार केवल उसका उद्घाटन कर फीता काट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी तैयारियां पूरी किए बिना परियोजना का प्रचार किया गया।
दूसरी ओर, रेलवे या संबंधित अधिकारियों की ओर से तकनीकी खराबी के कारणों पर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेन में आई तकनीकी समस्या के चलते उसे आगे नहीं चलाया जा सका और टोचन कर दिल्ली ले जाना पड़ा, जहां उसकी जांच और मरम्मत की जाएगी।
इस घटना के बाद हाइड्रोजन ट्रेन की विश्वसनीयता और तकनीकी तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, किसी यात्री के घायल होने या किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है।
फिलहाल रेलवे की तकनीकी टीम ट्रेन में आई खराबी के कारणों की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खराबी किस वजह से आई और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। वहीं, राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
