हरियाणा के एक युवक ने डंकी रूट के जरिए विदेश जाने के प्रयास के दौरान झेली गई परेशानियों और यातनाओं की दर्दनाक कहानी साझा की है। युवक के अनुसार, विदेश भेजने के नाम पर एजेंटों ने उससे करीब 9 लाख रुपये लिए, लेकिन उसे सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय कई देशों में भटकाया गया।
पीड़ित युवक ने बताया कि विदेश पहुंचने के सपने को पूरा करने के लिए उसने एजेंटों से संपर्क किया था। एजेंटों ने वैध वीजा और सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिया, लेकिन बाद में उसे अवैध रास्तों से कई सीमाएं पार कराई गईं। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुछ पाकिस्तानी एजेंटों से हुई, जिन पर उसने गंभीर आरोप लगाए हैं।
युवक के मुताबिक, यात्रा के दौरान उसे बेहद कठिन परिस्थितियों में रखा गया। उसने दावा किया कि उसे बिना जानकारी दिए बीफ खाने के लिए दिया गया। इसके अलावा कई दिनों तक उसे कड़ाके की ठंड में रहना पड़ा, जहां तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
पीड़ित का कहना है कि यात्रा के दौरान उसे पर्याप्त भोजन और सुविधाएं भी नहीं मिलीं। कई बार उसे पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ी और लगातार जान का खतरा बना रहा। बाद में विदेशी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में ले लिया, जिसके बाद उसे करीब सात महीने जेल में रहना पड़ा।
युवक ने बताया कि जेल से रिहाई के बाद भी उसकी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। उसके अनुसार, सीमा सुरक्षा बलों ने उसे सीमा क्षेत्र में छोड़ दिया, जहां से वह किसी तरह अपने देश वापस लौट सका। पूरे घटनाक्रम ने उसके और उसके परिवार के लिए भारी मानसिक और आर्थिक संकट खड़ा कर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि डंकी रूट से विदेश जाने की कोशिश करने वाले लोगों को अक्सर मानव तस्करी, धोखाधड़ी, हिरासत, जेल और जानलेवा परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन भी लगातार लोगों को अवैध तरीकों से विदेश जाने से बचने और केवल कानूनी माध्यमों का उपयोग करने की सलाह देता रहा है।
