हरियाणा में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और राजस्व कार्यों में इस्तेमाल हो रहे सॉफ्टवेयर की खामियों को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है। इसी बीच डीआरओ और तहसीलदारों की कमेटी ने फील्ड में जाकर सर्वे किया। वहीं सिरसा में पटवारी और कानूनगो अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग के कामकाज में इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से कई तरह की दिक्कतें सामने आने की बात कही जा रही है। इन समस्याओं को समझने और वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए अधिकारियों की कमेटी ने फील्ड सर्वे शुरू किया।
डीआरओ और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर राजस्व कर्मचारियों के कामकाज और सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याओं को देखा। सर्वे के दौरान यह समझने का प्रयास किया गया कि फील्ड में काम करते समय कर्मचारियों को किन तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े काम में सॉफ्टवेयर की भूमिका महत्वपूर्ण है। जमीन की जमाबंदी, इंतकाल और अन्य रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों में तकनीकी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत आने पर काम की गति प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने सॉफ्टवेयर से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने और समस्याओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी बीच सिरसा में पटवारी और कानूनगो का धरना जारी है। कर्मचारी अपनी मांगों और कामकाज से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि फील्ड में काम करने के दौरान उन्हें कई तरह की व्यावहारिक और तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाए।
पटवारी और कानूनगो राजस्व विभाग की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जमीन से संबंधित रिकॉर्ड तैयार करने और उसे अपडेट रखने जैसे कई कार्यों में उनकी जिम्मेदारी होती है।
कर्मचारियों के धरने के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका है। हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य बनाए रखने और जरूरी सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फील्ड सर्वे के दौरान कमेटी द्वारा कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा सकती है। इससे अधिकारियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि सॉफ्टवेयर में कौन-कौन सी समस्याएं आ रही हैं और उनका काम पर कितना असर पड़ रहा है।
सरकार की ओर से तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए संबंधित विभाग और तकनीकी टीम के साथ भी काम किया जा सकता है। फील्ड सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे सुधार की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
सिरसा में जारी धरने के बीच कमेटी का फील्ड सर्वे कर्मचारियों की समस्याओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि सर्वे के बाद उनकी समस्याओं का ठोस समाधान निकलेगा।
राजस्व विभाग में सॉफ्टवेयर आधारित व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य काम को तेज और पारदर्शी बनाना है। लेकिन यदि तकनीकी खामियों के कारण कर्मचारियों को परेशानी होती है तो उसका सीधा असर आम लोगों के जमीन से जुड़े कामों पर पड़ सकता है।
जमीन के दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों में देरी होने पर लोगों को तहसील और पटवारखाने के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इसलिए सरकार के लिए सॉफ्टवेयर की तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल डीआरओ और तहसीलदारों की कमेटी फील्ड में सर्वे कर रही है। सरकार सॉफ्टवेयर की खामियों को लेकर सख्त है, जबकि सिरसा में पटवारी और कानूनगो का धरना जारी है। अब सबकी नजर कमेटी की रिपोर्ट और कर्मचारियों की मांगों पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर है।
