हरियाणा के रोहतक में कांग्रेस विधायक के कार्यालय पर हुई फायरिंग की घटना की जांच में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस इस मामले को संगठित अपराध और रंगदारी से जोड़कर देख रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, घटना के पीछे विदेश में बैठे एक गैंगस्टर की भूमिका होने की आशंका है।
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग मामले में शामिल एक कथित शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे घटना के तार विदेश में बैठे अपराधियों से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि जांच पूरी होने तक किसी भी दावे को अंतिम नहीं माना जा सकता। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल संचार और अन्य सुरागों की जांच कर रही है।
फायरिंग की घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। हमलावरों ने कार्यालय को निशाना बनाकर कई राउंड फायरिंग की थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। सौभाग्य से घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी।
रोहतक पुलिस का मानना है कि मामले का संबंध रंगदारी या दबाव बनाने की कोशिश से हो सकता है। हालांकि इस पहलू की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
फिलहाल मामला जांचाधीन है और पुलिस सभी संभावित एंगल पर काम कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
