कोर्ट में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
नोएडा प्रोटेस्ट केस में सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि यदि आकृति को 11 तारीख को गिरफ्तार कर लिया गया था, तो वह 13 अप्रैल को हिंसा कैसे भड़का सकती थीं।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। वकील का कहना था कि पुलिस अब तक कथित 1 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन से जुड़े कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी है।
बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस के दावे तथ्यों और दस्तावेजी साक्ष्यों से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी अदालत में पर्याप्त प्रमाण देने में विफल रही है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इलेक्ट्रॉनिक व वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
यह मामला अप्रैल में हुए विरोध प्रदर्शन और कथित हिंसा से जुड़ा है, जिसमें कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से अदालत में जांच से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, लेकिन बचाव पक्ष ने उन्हें अपर्याप्त बताया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। फिलहाल, कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
यह केस राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
