हरियाणा के Naultha में प्रशासन ने राजस्व विभाग और स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी में लगभग 2 एकड़ गोचर भूमि को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, यह भूमि सार्वजनिक उपयोग और पशुओं के चरागाह के लिए आरक्षित थी, जिस पर लंबे समय से खेती किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन और रिकॉर्ड की जांच के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि गोचर भूमि के रूप में दर्ज है, इसलिए इसे नियमों के अनुसार मुक्त कराना आवश्यक था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित भूमि पर करीब 20 वर्षों से खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
वहीं, प्रभावित किसान परिवार ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। किसान के बेटे का आरोप है कि उनके साथ भेदभाव किया गया है और क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार के कब्जे मौजूद होने के बावजूद केवल उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और समान रूप से कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह सरकारी रिकॉर्ड और नियमानुसार की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने का अभियान जारी रहेगा और जहां भी रिकॉर्ड के अनुसार अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल कब्जा मुक्त कराई गई भूमि को प्रशासन ने अपने नियंत्रण में
