हरियाणा में पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में आ गई है। लम्पी स्किन डिजीज (LSD) के टीकाकरण अभियान से पहले विभाग द्वारा वैक्सीन तो भेज दी गई, लेकिन उसके साथ आवश्यक नीडल और सीरिंज उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे टीकाकरण अभियान की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पशुओं को लम्पी रोग से बचाने के लिए जल्द ही विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया जाना है। इससे पहले गलघोंटू और मुंह-खुर जैसी बीमारियों के टीकाकरण को लेकर भी व्यवस्थागत कमियों की शिकायतें सामने आई थीं। अब लम्पी वैक्सीन के साथ नीडल और सीरिंज नहीं पहुंचने से पशुपालकों और विभागीय कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन की आपूर्ति कर दी गई है, लेकिन टीकाकरण सामग्री की खरीद के लिए आवश्यक बजट अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। संबंधित डिप्टी डायरेक्टर (DD) ने बताया कि बजट जारी होते ही नीडल और सीरिंज की व्यवस्था कर दी जाएगी, ताकि अभियान को सुचारु रूप से चलाया जा सके।
दूसरी ओर, फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि केवल वैक्सीन भेज देने से टीकाकरण संभव नहीं है। इसके लिए जरूरी उपकरण भी समय पर उपलब्ध होने चाहिए। यदि सामग्री समय पर नहीं पहुंची तो टीकाकरण अभियान प्रभावित हो सकता है।
पशुपालकों ने भी विभाग से जल्द समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि लम्पी जैसी बीमारी पशुधन को भारी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए टीकाकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल विभाग का दावा है कि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था जल्द कर ली जाएगी और निर्धारित समय के अनुसार टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
