पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब हरियाणा में भी साफ दिखाई देने लगा है। राज्य की यमुना और मारकंडा नदियां उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है, जबकि किसानों की फसलों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर नदी का पानी खेतों में घुस गया है। इससे धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसान लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से राहत एवं सुरक्षा के इंतजाम की मांग कर रहे हैं। कुछ इलाकों में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह भी दी गई है।
मौसम विभाग ने आज भी हरियाणा के दो जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, नालों और बरसाती क्षेत्रों के पास जाने से बचें। बच्चों को अकेले पानी के आसपास न जाने दें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनती है तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी अपील की गई है।
