हरियाणा के पानीपत में अंतर्जातीय विवाह के बाद एक विवाहिता द्वारा ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। शहर की एक कॉलोनी निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने थाना सेक्टर-29 पुलिस को शिकायत देकर पति, सास, ननद, जेठ और जेठानी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
पीड़िता के अनुसार उसकी शादी 31 जनवरी 2020 को जाटल रोड निवासी सन्नी के साथ हुई थी। विवाह के समय उसके मायके वालों ने अपनी क्षमता के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान दिया था। महिला का आरोप है कि शादी के बाद पति और सास ने सभी जेवर अपने पास रख लिए।
शिकायत में कहा गया है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने उसे दहेज को लेकर ताने देने शुरू कर दिए। आरोप है कि उसे बार-बार मायके से बाइक लाने के लिए कहा जाता था। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी सास उसे जाति को लेकर अपमानित करती थी और अंतर्जातीय विवाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती थी।
विवाहिता ने बताया कि मार्च 2021 में बेटे के जन्म के बाद भी उसके साथ व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। आरोप है कि वर्ष 2023 में रक्षाबंधन के दौरान भी बाइक की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई। इसके अलावा पति ने नए डिजाइन के बहाने उसके सोने के आभूषण अपने पास ले लिए।
महिला का कहना है कि मार्च में बेटे के जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान भी उसे कथित तौर पर जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया। जब उसने इस संबंध में पति से शिकायत की तो उसने भी उसका साथ देने के बजाय परिवार का समर्थन किया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि अप्रैल में अपनी बहन के घर से लौटने के बाद पति ने उस पर चरित्रहीनता के आरोप लगाए। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की गई, उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और बेटे को उससे अलग कर दिया गया। महिला का दावा है कि उसे आधी रात को घर से बाहर निकाल दिया गया और उसका स्त्रीधन व जेवर भी नहीं लौटाए गए।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उसे पता चला कि उसके पति का पहली पत्नी से कानूनी तलाक नहीं हुआ था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
