सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्ग की मौत के बाद उनकी तीनों बेटियां अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन के लिए भी नहीं पहुंचीं। पिता की मौत के बाद उनके भाई और भतीजे हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने अस्थियां प्रवाहित कीं। बताया जा रहा है कि बेटियों ने वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार देखा था।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग पिछले कुछ समय से सोनीपत के वृद्धाश्रम में रह रहे थे। वहीं उनकी मौत हो गई। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिवार की ओर से भाई और भतीजे ने जिम्मेदारी संभाली।
बाद में अस्थियां लेकर भाई-भतीजा हरिद्वार पहुंचे और धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार गंगा में अस्थि विसर्जन किया। इस दौरान तीनों बेटियां मौजूद नहीं थीं।
बताया जा रहा है कि बेटियों ने वीडियो कॉल के जरिए पिता का अंतिम संस्कार देखा था। घटना ने परिवार और समाज में बुजुर्गों की देखभाल तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्ग की मौत और इसके बाद बेटियों के अस्थि विसर्जन में शामिल नहीं होने की खबर स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि बेटियों के अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन में शामिल न होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है।
परिवार की परिस्थितियों और बेटियों के पक्ष को जाने बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिता की अंतिम धार्मिक रस्में उनके भाई और भतीजे ने पूरी कीं।
सोनीपत के वृद्धाश्रम में बुजुर्ग की मौत के बाद भाई-भतीजे द्वारा हरिद्वार में अस्थियां प्रवाहित करने और बेटियों के वीडियो कॉल से अंतिम संस्कार देखने की घटना चर्चा में है।
