सोनीपत की दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DCRUST) में असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच अब इंटरनल कमेटी यानी ICC करेगी। इससे पहले मामले की जांच के लिए बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को खत्म कर दिया गया है।
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच भी नाराजगी देखने को मिली थी। छात्र-छात्राओं ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की और विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन मामले के तथ्यों और घटनाक्रम की प्रारंभिक जानकारी जुटाने के लिए किया गया था। अब इस कमेटी को खत्म कर जांच की जिम्मेदारी ICC को दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
ICC यानी Internal Complaints Committee का गठन कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए किया जाता है। विश्वविद्यालय में सामने आए इस मामले में अब ICC शिकायत से जुड़े पक्षों के बयान दर्ज कर सकती है और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।
छात्रों ने जांच की प्रक्रिया को लेकर दबाव की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
छात्रों की ओर से यह भी मांग की गई है कि शिकायतकर्ता और मामले से जुड़े लोगों की पहचान और सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही जांच के दौरान किसी भी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब ICC के माध्यम से मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि उपलब्ध तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर की जाएगी।
असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगे आरोप अभी जांच के विषय हैं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले आरोपों को साबित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। ICC की रिपोर्ट के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की गतिविधियों और प्रशासन के फैसलों पर भी नजर बनी हुई है। छात्र चाहते हैं कि जांच जल्द पूरी हो और रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।
फिलहाल DCRUST में असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी ICC को दी गई है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी खत्म होने के बाद अब विश्वविद्यालय की इंटरनल कमेटी मामले की जांच करेगी।
