हरियाणा के रोहतक में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक शोरूम में लगी भीषण आग में शोरूम मालिक समेत दो कर्मचारियों की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि तीनों के शव करीब सात घंटे बाद बाहर निकाले जा सके और उनकी हालत कंकाल जैसी हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि मृतक शोरूम मालिक अपनी बेटी के जन्मदिन की तैयारियों में जुटे हुए थे। परिवार में खुशियों का माहौल था और भविष्य में फैक्ट्री स्थापित करने का उनका सपना भी आकार ले रहा था। लेकिन अचानक लगी आग ने उनके सभी सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले दो कर्मचारियों में से एक करीब 20 वर्षों से शोरूम में काम कर रहा था। दोनों कर्मचारी मालिक के साथ अंदर मौजूद थे, तभी आग तेजी से फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही देर बाद शोरूम का शटर नीचे गिर गया, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक अंदर फंसे लोगों को बचाया नहीं जा सका। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया।
घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है, जबकि नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता और सावधानी के महत्व को उजागर करता है।
