बैंक घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। जांच के दौरान तैयार की गई केस डायरी में सात IAS अधिकारियों के नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मामले में अब तक दो IAS अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी विभिन्न दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। इसी क्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम जांच के दायरे में आए हैं। हालांकि, किसी अधिकारी का नाम केस डायरी में दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जाता। उनकी भूमिका की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
जानकारी यह भी सामने आई है कि जांच के दौरान एक IAS अधिकारी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से मुलाकात की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। इस घटनाक्रम को लेकर भी प्रशासनिक हलकों में चर्चा बनी हुई है।
CBI फिलहाल मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। यदि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, संभावित गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई को लेकर एजेंसी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
गौरतलब है कि यह मामला कथित बैंक घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसकी जांच पिछले कुछ समय से जारी है। CBI का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एजेंसी ने फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
