हरियाणा के भिवानी जिले में लगातार गिरते लिंगानुपात ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिले का लिंगानुपात 923 से घटकर 895 तक पहुंच गया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि आठ एसएमओ और एमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
प्रशासन का कहना है कि जिले में कन्या भ्रूण हत्या और लिंग जांच जैसे अवैध मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कई निजी अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की, जहां नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आईं। इसी के बाद कार्रवाई करते हुए संबंधित अस्पतालों और अधिकारियों पर शिकंजा कसा गया।
जिले में गिरते लिंगानुपात को सुधारने के लिए प्रशासन ने “सहेलियां” नाम से विशेष अभियान भी शुरू किया है। इस अभियान के तहत महिलाओं और युवतियों को जागरूक किया जाएगा, ताकि बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिल सके। गांव-गांव जाकर लोगों को बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा। प्रशासन ने साफ किया है कि लिंग जांच और भ्रूण हत्या जैसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका सामाजिक संतुलन पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि बेटियों को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिले।
