गुरुग्राम कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद सुनाया फैसला
संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुग्राम की जिला एवं सत्र अदालत ने दो दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिमांड पर भेज दिया है। एजेंसी ने कोर्ट से पांच दिन की हिरासत की मांग की थी, लेकिन लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने केवल दो दिन की रिमांड मंजूर की।
यह मामला 100 करोड़ रुपए से अधिक की कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि मंत्री से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध निवेश के कई दस्तावेज उसके हाथ लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, गुरुग्राम में करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी खरीद की भी जांच की जा रही है। ED लंबे समय से इस मामले में वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों की जांच कर रही थी।
एजेंसी ने संजीव अरोड़ा को 9 मई की देर शाम चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां ED ने कहा कि मामले के कई पहलुओं की जांच अभी बाकी है और आरोपी से आमने-सामने पूछताछ जरूरी है।
वहीं बचाव पक्ष ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है और लंबी हिरासत की जरूरत नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दो दिन की रिमांड मंजूर की। अब ED इस दौरान संपत्तियों, निवेश और अन्य कथित वित्तीय लेन-देन के बारे में पूछताछ करेगी।
मामले को लेकर पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है और विभिन्न राजनीतिक दल इस पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
