हरियाणा के Kurukshetra में एक कथित दुष्कर्म पीड़िता के अस्पताल पहुंचने के बाद उपचार और देखभाल की व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। मामले की जानकारी मिलने पर महिला आयोग की चेयरपर्सन अस्पताल पहुंचीं और वहां की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान चेयरपर्सन ने अस्पताल के PMO और नर्सिंग स्टाफ से सवाल करते हुए कहा कि संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछा कि यदि ऐसी स्थिति उनकी अपनी बेटी के साथ होती, तो क्या उसे भी लंबे समय तक बिना उचित देखभाल के अकेला छोड़ दिया जाता।
बताया जा रहा है कि पीड़िता को कथित दुष्कर्म की घटना के बाद सरकारी अस्पताल लाया गया था। निरीक्षण के दौरान महिला आयोग ने पीड़िता को उपलब्ध कराई गई चिकित्सा और सहायता सेवाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
चेयरपर्सन ने निर्देश दिए कि यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता बरती जाए और चिकित्सा, कानूनी तथा मनोवैज्ञानिक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मामले की जांच और अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा जारी है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
