2022 से चल रहे विवाद पर कोर्ट का फैसला
HSGMC अब मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान का प्रबंधन संभालेगी। इस मामले में हाईकोर्ट ने ट्रस्ट की याचिका खारिज कर दी है।
बताया जा रहा है कि संस्थान के संचालन और प्रबंधन को लेकर वर्ष 2022 से विवाद चल रहा था। मामला अदालत तक पहुंचा, जहां दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे पेश किए।
अदालत के फैसले के बाद अब संस्थान के प्रशासनिक और संचालन संबंधी अधिकार HSGMC के पास होंगे। कोर्ट ने अपने आदेश में ट्रस्ट की मांग को स्वीकार नहीं किया।
इस फैसले के बाद संस्थान से जुड़े लोगों और विभिन्न संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों ने फैसले का स्वागत किया, जबकि दूसरी ओर ट्रस्ट समर्थकों में निराशा देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब संस्थान के संचालन में स्थिरता आने की संभावना है। साथ ही मेडिकल और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित न होने देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल, संबंधित पक्ष अदालत के आदेश के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हुए हैं। प्रशासनिक बदलावों को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
