हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
उत्तर प्रदेश में जारी गन लाइसेंसों को लेकर मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। प्रदेश में करीब 10 लाख हथियार लाइसेंस होने की जानकारी सामने आने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने पूछा है कि इतने बड़े पैमाने पर जारी किए गए लाइसेंसों की समीक्षा कैसे की जा रही है और किन आधारों पर इन्हें मंजूरी दी गई।
मामले में खास तौर पर बाहुबलियों और प्रभावशाली लोगों को जारी लाइसेंसों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अदालत की सख्ती के बाद कई पुराने मामलों और फाइलों की जांच हो सकती है।
याचिका में कथित तौर पर यह सवाल उठाया गया है कि क्या लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार थी या नहीं।
उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोर्ट ने व्यापक जांच के निर्देश दिए तो कई लाइसेंसधारकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों की जिन पर आपराधिक या दबंगई से जुड़े आरोप रहे हैं।
हालांकि अभी अदालत की ओर से कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल सरकार से जवाब मांगा गया है और आगे की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होगी।
यह मामला प्रदेश की कानून व्यवस्था और हथियार लाइसेंस प्रणाली को लेकर भी नई बहस छेड़ रहा है।
