डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम से जुड़े साध्वी यौन शोषण मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही अपील की सुनवाई के बीच एक जज के मामले से अलग होने की खबर सामने आई है। इससे पहले भी इस केस की सुनवाई से दो जस्टिस अलग हो चुके हैं।
राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण मामले में दोषी ठहराया गया था। इसी मामले से जुड़ी अपील हाईकोर्ट में लंबित है और अदालत में इसकी कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
अब हाईकोर्ट की एक जज ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। हालांकि, जज के अलग होने की सटीक वजह अदालत के आदेश में स्पष्ट होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी। न्यायिक मामलों में किसी जज का किसी केस से अलग होना कई प्रशासनिक या व्यक्तिगत कारणों से हो सकता है और इसे अपने आप किसी पक्ष के पक्ष या विरोध से नहीं जोड़ा जा सकता।
इससे पहले भी दो जस्टिस इस मामले की सुनवाई से अलग हो चुके हैं। लगातार जजों के अलग होने के कारण केस की अगली सुनवाई और नई बेंच के गठन पर नजर बनी हुई है।
अब इस अपील की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में नई पीठ का गठन किया जा सकता है। इसके बाद केस से जुड़े पक्ष अपनी दलीलें अदालत के सामने रखेंगे और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
यह मामला काफी संवेदनशील और चर्चित रहा है। राम रहीम से जुड़े मामलों में अदालतों के फैसलों और सुनवाई पर लंबे समय से देशभर की नजर रही है।
गौरतलब है कि किसी जज का मामले से हटना अपने आप में केस के परिणाम का संकेत नहीं होता। अंतिम फैसला अदालत द्वारा रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों, कानूनी दलीलों और लागू कानून के आधार पर किया जाएगा।
फिलहाल हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और नई बेंच के गठन का इंतजार है।
